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PM Awas Yojana Gramin List 2026: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की नई लिस्ट, पात्रता, किश्त और आवेदन का पूरा ब्यौरा

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के अन्तर्गत गरीब ग्रामीण परिवारों को पक्के घर बनाने के लिए सरकारी वित्तीय सहायता दी जाती है। यदि आप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लिस्ट 2026 में अपना नाम देखना चाहते हैं, आवेदन/सर्वे की स्थिति जानना चाहते हैं या घर की किस्त देखना चाहते हैं, तो यह मार्गदर्शिका आपके लिए है। यहाँ लाभार्थी चयन, ग्राम सभा सत्यापन, Awaas+ सर्वे, सहायता राशि, निर्माण और शिकायत की प्रक्रिया आसान भाषा में बताई गई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) - Overview

विषय:

ग्रामीण आवास योजना | जानकारी सरकारी दिशा-निर्देशों के आधार पर

सबसे महत्वपूर्ण बात:

PMAY-G में ऐसा कोई खुला फॉर्म नहीं होता है कि कोई भी आवेदक ऑनलाइन अप्लाई कर ले और तुरंत घर मिल जाए। लाभार्थियों की पहचान सरकारी लिस्ट/सर्वे, पात्रता की जांच, ग्राम सभा से वेरिफिकेशन और प्रशासनिक स्वीकृति से होती है। सर्वे में नाम आने का मतलब भी आखिरी मंजूरी नहीं होता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) WWW.GRCM.IN

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ग्रामीण विकास मंत्रालय की आवास योजना है, जिसे केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2016 से शुरू किया था। इसका लक्ष्य उन सभी ग्रामीण लोगों की मदद करना है, जो बेघर हैं या जो मानक के अनुसार कच्चे और जर्जर मकानों में रहते हैं, ताकि वे पक्के मकान बना सकें जिनमें सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।

इस योजना में घर का निर्माण सामान्य तौर पर लाभार्थी स्वयं करता है। सरकार तय इकाई सहायता प्रदान करती है। इस योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर की एजेंसियों की भूमिका होती है। लाभार्थी की पहचान से लेकर स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, फोटो अपलोड और भुगतान तक की जानकारी AwaasSoft जैसे डिजिटल सिस्टम में दर्ज की जाती है।

PMAY-G 2024-25 से 2028-29: नया चरण और लक्ष्य

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को जारी रखने की अनुमति दी है और इसी समय में 2 करोड़ और ग्रामीण मकान बनाने की इजाजत दी है। इस स्तर पर Awaas+ सूची को संशोधित अपवर्जन मापदंडों के अनुसार अपडेट करने और योग्य परिवारों को पहचानने का विधान है।

इस तरह हर ग्रामीण परिवार को स्वत: घर मिलने का अर्थ नहीं है। लाभार्थी का निर्धारण योग्यता, सर्वेक्षण/सूची, ग्राम सभा द्वारा सत्यापन, राज्य को दिए गए लक्ष्य और अंत में प्रशासनिक अनुमोदन के बाद होता है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कितनी रकम मिलती है?

यह योजना की स्वीकृत इकाई सहायता है। बिहार के सामान्य मैदानी इलाकों में आम तौर पर ₹1.20 लाख की इकाई सहायता लागू होती है। किसी भी विशेष क्षेत्र की श्रेणी और स्वीकृत राशि की पुष्टि संबंधित प्रखंड/जिला कार्यालय से करें। यह राशि स्वीकृत चरणों और निर्माण प्रगति के अनुसार किस्तों में जारी की जाती है।

आवास योजना की इकाई मदद
क्रम संख्या क्षेत्र प्रति आवास इकाई मदद
1. मैदानी क्षेत्र ₹1,20,000
2. पूर्वोत्तर/तय पहाड़ी क्षेत्र ₹1,30,000

PM Awas Yojana Gramin Eligibility: कौन योग्य हो सकता है?

PMAY-G में प्राथमिकता उन बेघर ग्रामीण परिवारों को दी जाती है, जो कि निर्धारित आवास-वंचना मानकों के तहत कच्चे घरों में रह रहे हैं। पारंपरिक रूप से इस श्रेणी के परिवारों का चयन SECC-2011 में दिए गए आवास सम्बन्धी आंकड़ों तथा अपवर्जन मानदंडों के आधार पर किया जाता रहा है। इसके साथ ही, बचे हुए योग्य परिवारों की पहचान करने के लिए Awaas+ सर्वे भी बहुत ही आवश्यक रहा है।

  • परिवार ग्रामीण क्षेत्र में रहता हो।
  • परिवार बेघर हो या तय मानक के अनुसार कच्चे/अपर्याप्त घर में रहता हो।
  • परिवार लागू अपवर्जन मानदंडों के कारण बाहर न होता हो। परिवार का ब्योरा सर्वे/सरकारी सूची में दर्ज हो और सत्यापन पूरा हो।
  • ग्राम सभा और संबंधित प्रशासनिक स्तर पर सूची की जांच की गई हो।

किन परिवारों को प्राथमिकता मिल सकती है?

इस व्यवस्था के चयन में आवास-वंचना के स्तर को ध्यान में रखा गया है। इसके बाद शून्य, एक और दो कमरों वाले कच्ची दीवार तथा कच्ची छत के घरों में रहने वाले परिवारों की श्रेणीवार प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके बाद बेघर परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद भूमिहीन परिवारों और दिव्यांगजनों से संबंधित प्रावधान भी दिशानिर्देशों में शामिल हैं। इसके बाद एससी/एसटी और अन्य श्रेणियों के लिए तय लक्ष्य/प्राथमिकता व्यवस्था लागू होगी।

PMAY-G में लाभार्थी का चयन कैसे होता है?

आपके द्वारा दिए गए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कार्यान्वयन का ढांचा, लाभार्थी का चुनाव, ग्राम सभा का सत्यापन, स्थायी प्रतीक्षा सूची, वार्षिक चयन सूची तथा शिकायत/अपील की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण भाग कहा गया है। यही वह तरीका है जो योजना की पारदर्शीता को कायम रखने के लिए बनाया गया है।

  1. पहचान के लिए डेटा - योग्यता के लिए परिवारों की पहचान SECC-2011 के आवास-वंचना आंकड़ों और लागू सर्वे/सूची से की जाती है।
  2. सूची की प्राथमिकता - बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को तय क्रम में रखा जाता है।
  3. ग्राम सभा का सत्यापन - ग्राम सभा सूची की जांच करती है। अयोग्य नाम, छूटे योग्य परिवार और प्राथमिकता संबंधी आपत्तियों पर विचार किया जा सकता है।
  4. आपत्ति/अपील - सूची या क्रम से असहमति होने पर राज्य द्वारा तय अपीलीय/शिकायत व्यवस्था में आवेदन दिया जा सकता है।
  5. स्थायी प्रतीक्षा सूची - सत्यापन और अपील के बाद ग्राम पंचायत की Permanent Wait List (PWL) तैयार/अंतिम की जाती है।
  6. वार्षिक चयन - उपलब्ध लक्ष्य और स्वीकृत वार्षिक कार्य योजना के अनुसार प्रतीक्षा सूची से वार्षिक चयन सूची तैयार की जाती है।
  7. स्वीकृति - चयनित लाभार्थी का पंजीकरण और आवश्यक जांच पूरी होने के बाद स्वीकृति जारी होती है।

स्थायी प्रतीक्षा सूची में नाम होना और किसी वित्तीय वर्ष की स्वीकृत लाभार्थी सूची में नाम होना अलग बातें हैं। अपनी स्थिति पूछते समय यह स्पष्ट करें कि नाम PWL में है, वार्षिक चयन सूची में है या घर स्वीकृत हो चुका है।

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Awaas+ 2024 Survey क्या है?

Awaas+ 2024 सर्वे उन ग्रामीण परिवारों की पहचान करने के लिए है जो पहले की योग्यता सूची में रह गए हों और संशोधित अपवर्जन मानदंडों के अनुसार योजना के लिए योग्य हों। इस प्रक्रिया में मोबाइल ऐप, परिवार और घर का विवरण, आधार आधारित e-KYC/फेस ऑथेंटिकेशन और जियो-टैग फोटो जैसी तकनीक का उपयोग किया गया है।

Self Survey और Assisted Survey

  • Self Survey: जहां आधिकारिक तौर पर सुविधा उपलब्ध हो, परिवार तय ऐप प्रक्रिया से अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है।
  • Assisted Survey: अधिकृत सर्वेयर परिवार की जानकारी दर्ज करने में मदद करता है।

सर्वेक्षण के दौरान जो जानकारियां दी गई हैं वे बिल्कुल सही हों। आपके मौजूदा मकान, परिवार के सदस्यों तथा जगह की वास्तव में क्या स्थिति है, इस बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। किसी दूसरे परिवार अथवा मकान की तस्वीर या जानकारी देना ठीक नहीं है।

ध्यान दें:Awaas+ सर्वे में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि लाभार्थी की स्वीकृति हो गई है। सर्वे के बाद योग्यता की जांच की जाती है, सूची बनाई जाती है, ग्राम सभा और प्रशासनिक सत्यापन किया जाता है और फिर लक्ष्य के अनुसार चयन किया जाता है। अभी नया सर्वे चल रहा है या नहीं, यह जानने के लिए ऑफिशियल पोर्टल या पंचायत से संपर्क करें।

PM Awas Yojana Gramin List 2026: ग्रामीण आवास योजना की नई सूची में नाम कैसे देखें?

लाभार्थियों की सूची देखने के लिए PMAY-G के आधिकारिक पोर्टल पर रिपोर्ट और लाभार्थी खोज की सुविधा का उपयोग करें। पोर्टल के मेन्यू में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं, इसलिए आधिकारिक पोर्टल से नीचे दिए गए विकल्प खोलें।

तरीका 1: Registration Number से नाम देखें

  1. PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. Stakeholders/लाभार्थी खोज या संबंधित रिपोर्ट विकल्प पर जाएं।
  3. यदि आपके पास पंजीकरण संख्या है, तो उसे दर्ज करें।
  4. मांगी गई सुरक्षा/कैप्चा जानकारी भरकर सबमिट करें।
  5. लाभार्थी का नाम, स्वीकृति और उपलब्ध भुगतान ब्योरा ध्यान से देखें।

तरीका 2: Registration Number नहीं है तो?

आधिकारिक पोर्टल पर Awassoft वाले विकल्प पर क्लिक करें। उसके बाद report वाले ऑप्शन पर क्लिक करें । उसके बाद एक बॉक्स खुलेगा जिसमे कई विकल्प होंगें। उनमे से social audit Reports वाले विकल्प पर क्लिक करें। उसके बाद फिर एक option आएगा। social Audit report उस पर क्लिक करें। उसके बाद मांगी गई जानकारी भरें और सबमिट करें। उसके बाद लिस्ट दिख जाएगा। अगर पोर्टल पर यह विकल्प नहीं मिल रहा है तो पंचायत/प्रखंड कार्यालय से लिस्ट की कॉपी या अपना रिकॉर्ड चेक करने में मदद मांगें।

तरीका 3: पंचायत में सूची की पुष्टि

ग्राम पंचायत के दफ्तर से स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL), वार्षिक चयन सूची और स्वीकृत लाभार्थीयों की सूची की मांग करें। केवल किसी भी अनौपचारिक WhatsApp सूची या स्क्रीनशॉट को अंतिम सरकारी सूची मत मान लेना।

PM Awas Yojana Gramin Payment Status: किस्त और भुगतान कैसे चेक करें?

जब आपका घर मंजूर हो गया, तो आपको निर्माण के समय और आपके सत्यापित होने के बाद, जितनी सहायता मिलेगी, वह आपके खाते में जाएगी। यह जानकारी AwaasSoft या किसी अन्य सरकारी पोर्टल पर सुरक्षित रहती है। आप पंचायत या ब्लॉक ऑफिस में जाकर अपनी स्वीकृति नंबर और बैंक का विवरण देकर, पेमेंट का स्टेटस जान सकते हैं।

किस्त नहीं आने के कारण

  • लाभार्थी की स्वीकृति या पंजीकरण प्रक्रिया अधूरी रह गई हो।
  • निर्माण का तय चरण पूरा न हुआ हो या निरीक्षण बाकी हो।
  • जियो-टैग फोटो या प्रगति रिपोर्ट सिस्टम में नहीं चढ़ाई गई हो।
  • बैंक खाता बंद/निष्क्रिय हो या खाता विवरण गलत हो।
  • आधार, बैंक रिकॉर्ड या लाभार्थी के नाम में फर्क हो।
  • राज्य/जिला स्तर पर फंड रिलीज या भुगतान प्रक्रिया रुकी हुई हो।

किस्त नहीं आने पर क्या करना चाहिए?

  • अपना पंजीकरण/स्वीकृति नंबर और अपनी बैंक पासबुक अपने पास रखें और फिर भुगतान रिकॉर्ड की जांच कराने के लिए पंचायत के आवास सहायक या अन्य कर्मचारी से संपर्क करें।
  • ब्लॉक ऑफिस से किश्त की मौजूदा स्थिति और बंद होने का कारण लिखित में मांगा जाना चाहिए।
  • बैंक से account active (खाते की क्रियाशीलता) और DBT/Aadhar seeding status (डीबीटी / आधार लिंक होने की स्थिति) की जांच कराएं।
  • यदि कोई समाधान नहीं होता तो संबंधित शिकायत अधिकारी को लिखित रूप से आवेदन करें।
  • किस्त जारी कराने के बहाने किसी एजेंट या बिचौलिए को कोई रकम ना दें। ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या बैंक का पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
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PMAY-G के लिए कौन-कौन से दस्तावेज/जानकारी जरूरी हो सकती है?

PMAY-G में चयन सूची और सर्वे के आधार पर होता है। पंजीकरण और सत्यापन के समय निम्न विवरण मांगे जा सकते हैं:

  • आधार कार्ड और परिवार के सदस्यों का सही ब्यौरा।
  • बैंक या डाकघर खाते का ब्यौरा।
  • मोबाइल नंबर और संपर्क का ब्यौरा।
  • मनरेगा जॉब कार्ड नंबर, जहां कहीं संभव हो।
  • वर्तमान मकान और मकान की स्थिति का ब्यौरा।
  • जमीन की उपलब्धता/स्वामित्व का ब्यौरा, जहां कहीं संभव हो।
  • सर्वेक्षण और स्थानीय प्रशासन द्वारा पूछे गए अन्य दस्तावेज।

सभी परिवारों के लिए अंतिम दस्तावेज सूची एक जैसी नहीं है। अपनी स्थिति के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि संबंधित अधिकारी से कर लें। नाम, आधार और बैंक खाते की जानकारी में अंतर होने पर शीघ्र ही सुधार करा लें।

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2026

बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग अपनी PMAY-G लिस्ट, सर्वे, स्वीकृति और पेमेंट स्टेटस ग्राम पंचायत और ब्लॉक लेवल के ऑफिस से चेक कर सकते हैं। इसके लिए वे पंचायत स्तर पर आवास सहायक/संबंधित कर्मचारी से रिकॉर्ड की डिटेल्स ले सकते हैं। अगर उन्हें जरूरत पड़े तो वे ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) या जिला ग्रामीण विकास अभिकरण/जिला प्रशासन के संबंधित ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं।

बिहार के आवेदक ये बातें जरूर जांचें

  • आपका नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) में है या नहीं।
  • आपका नाम चालू वर्ष की चयन सूची में आया है या नहीं।
  • मकान स्वीकृत है तो स्वीकृति/पंजीकरण संख्या क्या है।
  • कितनी किस्त जारी हुई और अगली किस्त किस चरण पर लंबित है।
  • बैंक खाता और लाभार्थी विवरण सही दर्ज हैं या नहीं।

जब बिहार के किसी जिले में न्यू सर्वे की डेट, एप्लीकेशन कैंप की डेट, लिस्ट के बारे में कोई खबर आए तो उसे सच मत मानना जब तक कि इस बारे में डिपार्टमेंट या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से कोई ऑफिशियल नोटिफिकेशन न आ जाए।

PMAY-G में नाम कटने, सूची में गड़बड़ी या किस्त न मिलने पर शिकायत कैसे करें?

PMAY-G के तहत काम करने के तरीके में ग्राम पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर शिकायत सुलझाने के लिए व्यवस्था है। जब शिकायत करें, तो समस्या के बारे में सब कुछ अच्छे से बताएं, अपना नाम, पंचायत, प्रखंड, जिला और अगर आपके पास कोई पंजीकरण/स्वीकृति संख्या है, तो वह भी बताएं। आवेदन देने के बाद रसीद जरूर लें।

  1. पहले ग्राम पंचायत/पंचायत स्तर के नामित पदाधिकारी को लिखित शिकायत करें।
  2. समाधान न मिलने पर प्रखंड कार्यालय/BDO को आवेदन दें।
  3. इसके बाद आप जिला स्तर के संबंधित अधिकारियों या जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण से संपर्क करें।
  4. राज्य स्तरीय शिकायत प्रणाली या CPGRAMS पर यदि आवश्यकता हो तो शिकायत दर्ज करें।

PMAY-G के संदर्भ में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अलग-अलग स्तर पर शिकायत सुनने और उसका समाधान करने के लिए शिकायत अधिकारी नियुक्त किये जाते हैं और शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था भी होती है। शिकायत निपटारे के लिए तय की गई समय-सीमा और अधिकारी की जानकारी के लिए आपको अपने राज्य के इस समय के आदेश को देखना होगा।

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हमने यह जानकारी कैसे तैयार की

इस पेज की सभी जानकारियाँ सरकारी वेबसाइटों, सरकारी पोर्टल और अन्य आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर दी गई हैं। हमारा लक्ष्य सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं को सरल और बोलचाल की भाषा में समझाना है ताकि हर कोई इन्हें आसानी से समझ सके। फिर भी, किसी भी योजना की पात्रता, आवेदन की अंतिम तिथि, लाभार्थी सूची, आवश्यक दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी पर भरोसा करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी पुष्टि जरूर कर लें।

13. PM Awas Yojana Gramin FAQ : अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q 1.प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की नई लिस्ट 2026 कैसे देखें?

ans:- PMAY-G के आधिकारिक पोर्टल पर लाभार्थी खोजने या उपलब्ध रिपोर्ट के विकल्प को खोलें। यदि आपके पास पंजीकरण संख्या है तो उससे खोजें। यदि संख्या नहीं है तो पोर्टल पर Advanced Search की सुविधा उपलब्ध है तो राज्य, जिला, प्रखंड और पंचायत का चयन कर रिकॉर्ड खोजें। यदि ऑनलाइन जानकारी नहीं मिलती है तो ग्राम पंचायत या प्रखंड कार्यालय से स्थायी प्रतीक्षा सूची, वार्षिक चयन सूची और स्वीकृत लाभार्थी सूची की पुष्टि करें।

Q 2.PMAY-G में अपना नाम कैसे चेक करें?

ans :- सबसे पहले आधिकारिक PMAY-G पोर्टल पर जाएं। वहां लाभार्थी खोजने/रिपोर्ट में पंजीकरण संख्या या उपलब्ध वैकल्पिक विवरण से नाम खोजें। नाम की वर्तनी और पंचायत का सही चयन करें। केवल नाम दिखने से अंतिम स्वीकृति सिद्ध नहीं होती। यह भी जांच लें कि आपका नाम PWL में है, वार्षिक चयन सूची में है या मकान स्वीकृत हो चुका है।

Q 3.प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कितने रुपये मिलते हैं?

ans :- मैदानी क्षेत्रों में प्रति मकान ₹1.20 लाख और पूर्वोत्तर/निर्धारित पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की इकाई सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा पात्र परिवार को मनरेगा मजदूरी और शौचालय निर्माण जैसी सुविधाओं के लिए संबंधित योजनाओं से सहायता मिल सकती है। इन अतिरिक्त लाभों की पात्रता और राशि अलग नियमों से तय होती है।

Q 4.क्या PMAY-G के लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है?

ans :- नहीं। PMAY-G सामान्य खुला ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं है। पात्र परिवारों की पहचान सरकारी सर्वे/सूची, आवास-वंचना मानदंड, अपवर्जन जांच और ग्राम सभा सत्यापन के आधार पर होती है। Awaas+ सर्वे की प्रक्रिया विशेष अवधि और सरकारी निर्देशों के अनुसार चलती है। कोई नई सर्वे विंडो खुली है या नहीं, आधिकारिक पोर्टल या पंचायत से पता करें।

Q 5.स्थाई प्रतीक्षा सूची (PWL) और बेनिफिशियरी सूची में क्या अंतर है?

ans :- स्थाई प्रतीक्षा सूची में पात्रता और प्राथमिकता के आधार पर दर्ज परिवारों का क्रम होता है, जिन्हें उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार आगे के वर्षों में शामिल किया जा सकता है। वार्षिक चयन सूची किसी वित्तीय वर्ष में उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार चुने गए परिवारों को दर्शाती है। स्वीकृत बेनिफिशियरी वह होता है जिसकी आवश्यक जांच पूरी कर मकान की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी हो।

Q 6.आवास योजना की किस्त बैंक खाते में नहीं आई तो क्या करें?

ans :- अपनी स्वीकृति संख्या और बैंक पासबुक लेकर पंचायत के आवास सहायक या ब्लॉक ऑफिस जाएं। भुगतान सिस्टम में किस्त की स्थिति और लंबित कारण पूछें। बैंक खाता सक्रिय है या नहीं, नाम/खाता विवरण सही हैं या नहीं और आधार/DBT से जुड़ी कोई समस्या तो नहीं, इसकी जांच बैंक से कराएं। किसी एजेंट को भुगतान जारी कराने के लिए पैसे न दें।

Q 7.क्या बिहार में ग्रामीण आवास योजना के लिए अलग से आवेदन होता है?

ans :- बिहार में भी PMAY-G के केंद्रीय दिशा-निर्देश और राज्य की कार्यान्वयन प्रक्रिया लागू होती है। बेनिफिशियरी पहचान सर्वे/सूची और सत्यापन के आधार पर होती है। किसी नए सर्वे, सुधार अभियान या विशेष शिविर की सूचना बिहार सरकार, जिला प्रशासन या पंचायत से जारी होने पर ही उस प्रक्रिया का पालन करें। केवल अनधिकृत वेबसाइट पर फॉर्म भरना पर्याप्त नहीं है।

Q 8.अगर मेरा नाम सूची से हटा दिया गया है तो क्या करूं?

ans :- सबसे पहले पंचायत कार्यालय से हटाए जाने का कारण और संबंधित ग्राम सभा/प्रशासनिक रिकॉर्ड पूछें। यदि आपको लगता है कि पात्र होने के बावजूद नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो निर्धारित अपीलीय या शिकायत अधिकारी को प्रमाण सहित लिखित आवेदन दें। आवेदन की रसीद रखें और ब्लॉक तथा जिला स्तर पर आगे की कार्रवाई की स्थिति लेते रहें।

Q 9.क्या पक्का मकान होने पर PMAY-G का लाभ मिल सकता है?

ans :- PMAY-G का उद्देश्य बेघर और निर्धारित आवास-वंचना मानकों के अनुसार कच्चे/जर्जर मकान में रहने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता देना है। यदि परिवार पहले से पक्के और पर्याप्त मकान में रहता है तो वह सामान्य पात्रता के दायरे में नहीं आ सकता। अंतिम निर्णय योजना के लागू अपवर्जन मानदंड और सरकारी सत्यापन से होगा।